23 November Current Affairs

1.The fourth edition of IPRD is scheduled to be held from 23 to 25 Nov 22. The theme of IPRD-2022 is ‘Operationalising the Indo-Pacific Oceans Initiative (IPOI)’, which was articulated by the Hon’ble Prime Minister, Shri Narendra Modi in Bangkok, at the 14th East Asia Summit (EAS) on 04 November 2019. The IPRD is an apex level international annual conference of Indian Navy, and is principal manifestation of Navy’s engagement at the strategic-level.

Ø आईपीआरडी का चौथा संस्करण 23 नवंबर से 25 नवंबर 2022 तक आयोजित किया जा रहा है। आईपीआरडी -2022 का विषय 'ऑपेरशनलाइज़िंग द इंडो पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (आईपीओआई)' है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 04 नवंबर 2019 को 14वीं पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) में बैंकाक में अभिव्यक्त किया गया था। आईपीआरडी भारतीय नौसेना का एक शीर्ष स्तर का अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन है, और रणनीतिक स्तर पर नौसेना के कार्यकलाप की मुख्य अभिव्यक्ति है।


2.The Ministry of Ayush has formally announced setting up of Ayurveda Academic Chair based at Western Sydney University’s NICM Health Research Institute, with tenure for a period of three years. Dr. Rajagopala S., Associate Professor & Head (Department of Kaumarabhritya) All India Institute of Ayurveda (AIIA), New Delhi has been selected for the post of Academic Chair in Ayurvedic Science at Western Sydney University, Australia. The Academic Chair will undertake academic and collaborative research activities in Ayurveda, including herbal medicine and yoga, as well as design academic standards and short-term/medium-term courses and educational guidelines.

Ø आयुष मंत्रालय ने औपचारिक रूप से वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के एनआईसीएम हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट में तीन वर्ष की अवधि के लिए आयुर्वेद शैक्षणिक पीठ (एकेडमिक चेयर) की स्थापना की घोषणा की है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), नई दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर और प्रमुख (कौमारभृत्य विभाग) डॉ. राजगोपाला एस. को पश्चिमी सिडनी विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया में आयुर्वेदिक विज्ञान अकादमिक पीठ के पद के लिए चुना गया है। यह अकादमिक पीठ (चेयर) आयुर्वेद में शैक्षणिक (अकादमिक) और सहयोगी अनुसंधान गतिविधियों का संचालन करेगा, जिसमें वानस्पतिक औषधियों एवं योग के साथ ही अकादमिक मानकों तथा लघु अवधि / मध्यम अवधि के पाठ्यक्रम और शैक्षिक दिशा-निर्देश भी शामिल हैं।


3.India has been ranked amongst top 5 countries in the world, and the best among the G20 countries, based on its Climate Change performance. India jumps 2 spots higher, and is now ranked 8th as per Climate Change Performance Index (CCPI, 2023) published by German Watch, New Climate Institute and Climate Action Network International based in Germany. The latest report of CCPI, released at COP 27 in November 2022, shows Denmark, Sweden, Chile and Morocco as the only four small countries that were ranked above India as 4th, 5th, 6th and 7th respectively. The first, second and third ranks were not awarded to any country.

Ø जलवायु परिवर्तन के प्रदर्शन के आधार पर भारत को विश्व के शीर्ष 5 देशों में एवं जी-20 देशों में सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है। जर्मनी में स्थित जर्मन वॉच, न्यू क्लाइमेट इंस्टीट्यूट तथा क्लाइमेट एक्शन नेटवर्क इंटरनेशनल द्वारा प्रकाशित जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक (क्लाइमेट चेंज परफॉर्मेंस इंडेक्ससीसीपीआई 2023) के अनुसार भारत ने  2 स्थानों की छलांग लगाईं है और अब वह 8वें स्थान पर है। नवंबर 2022 में सीओपी 27 में जारी सीसीपीआई की नवीनतम रिपोर्ट में डेनमार्क, स्वीडन, चिली और मोरक्को को केवल ऐसे चार छोटे देशों के रूप में दिखाया गया है जो क्रमशः भारत से ऊपर चौथे, 5वें, 6वें और 7वें स्थान पर थे। किसी भी देश को पहला, दूसरा और तीसरा स्थान नहीं दिया गया।


4.  Australia’s Parliament passed bilateral free trade agreement with India. The deals are crucial for Australia to diversify its exports from the troubled Chinese market to India and to forge new bilateral trade relations. The bills easily passed the House of Representatives on Monday and the Senate made them law.

Ø ऑस्ट्रेलिया की संसद ने भारत के साथ द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता पारित किया है। ऑस्ट्रेलिया के लिए; दुर्लभ चीनी बाजार से अब भारत में अपने निर्यात में विविधता लाने और नए द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बनाने के लिए यह सौदा महत्वपूर्ण है। यह विधेयक प्रतिनिधि सभा में सुलभता से पारित हो गया है और सीनेट ने इसे क़ानून बना दिया है।